नबियों में रसूलों में तेरी ज़ात अलग है
ऐ सरवर-ए-कौनैन ! तेरी बात अलग है
इक टुकड़े पे हो जाएगा नस्लों का गुज़ारा
सरकार के दरबार की ख़ैरात अलग है
रातें तो मुबारक हैं बहुत और भी लेकिन
मे'राज की जो रात है वो रात अलग है
ये सच है कोई तूर का मेहमान बना था
महबूब-ओ-मुहिब की तो मुलाक़ात अलग है
मूसा को तजल्ली से नवाज़ा गया बेशक
आक़ा पे 'इनायात की बरसात अलग है
यूँ धूम मचाया हो कोई और तो बोलो
मे'राज के उस दूल्हे की बारात अलग है
नामूस-ए-रिसालत पे फ़ना कर दिया ख़ुद को
अहमद रज़ा के 'इश्क़ में कुछ बात अलग है
ना'रा तो लगाते हैं बहुत लोग रज़ा का
गुलज़ार ! मेरे ना'रों में जज़्बात अलग है
शायर:
सय्यिद शाह गुलज़ार इस्माइल वास्ती क़ादरी
(गुलज़ार-ए-मिल्लत)
ना'त-ख़्वाँ:
सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वी
ऐ सरवर-ए-कौनैन ! तेरी बात अलग है
इक टुकड़े पे हो जाएगा नस्लों का गुज़ारा
सरकार के दरबार की ख़ैरात अलग है
रातें तो मुबारक हैं बहुत और भी लेकिन
मे'राज की जो रात है वो रात अलग है
ये सच है कोई तूर का मेहमान बना था
महबूब-ओ-मुहिब की तो मुलाक़ात अलग है
मूसा को तजल्ली से नवाज़ा गया बेशक
आक़ा पे 'इनायात की बरसात अलग है
यूँ धूम मचाया हो कोई और तो बोलो
मे'राज के उस दूल्हे की बारात अलग है
नामूस-ए-रिसालत पे फ़ना कर दिया ख़ुद को
अहमद रज़ा के 'इश्क़ में कुछ बात अलग है
ना'रा तो लगाते हैं बहुत लोग रज़ा का
गुलज़ार ! मेरे ना'रों में जज़्बात अलग है
शायर:
सय्यिद शाह गुलज़ार इस्माइल वास्ती क़ादरी
(गुलज़ार-ए-मिल्लत)
ना'त-ख़्वाँ:
सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वी
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Nabiyon Me Rasoolon Me Teri Zaat Alag Hai
Ai Sarwar-e-kaunain ! Teri Baat Alag Hai
Ik Tukde Pe Ho Jaaega Naslo Ka Guzaara
Sarkaar Ke Darbaar Ki Khairaat Alag Hai
Raate To Mubaarak Hain Bahut Aur Bhi Lekin
Me'raaj Ki Jo Raat Hai Wo Raat Alag Hai
Ye Sach Hai Koi Toor Ka Mehmaan Bana Tha
Mahboob-o-muhib Ki To Mulaaqaat Alag Hai
Moosa Ko Tajalli Se Nawaaza Gaya Beshak
Aaqa Pe 'inaayaat Ki Barsaat Alag Hai
Yu Dhoom Machaaya Ho Koi Aur To Bolo
Me'raaj Ke Us Dulhe Ki Baaraat Alag Hai
Naamoos-e-risaalat Pe Fana Kar Diya KHud Ko
Ahmad Raza Ke 'ishq Me Kuchh Baat Alag Hai
Naa'ra To Lagaate Hain Bahut Log Raza Ka
Gulzaar ! Mere Naa'ro Me Jazbaat Alag Hai
Poet
Syed Shah Gulzar Ismail Wasti Qadri
(Gulzar-e-Millat)
Naat-Khwaan:
Sayyed Abdul Wasi Qadri Razavi








