Main jab quran padhta hu muhammad yaad aate hai Naat Lyrics

मैं जब कुरान पढ़ता हूँ मुहम्मद याद आते हैं.! 
हदीस-ए-पाक सुनता हूँ मुहम्मद याद आते हैं

मोअज़्ज़िन की अज़ान में जब मुहम्मद नाम आता है 
दुरूद-ए-पाक पढ़ता हूँ मुहम्मद याद आते हैं.

वो ताइफ़ में नबी जी पर किया जो जुल्म लोगों ने 
मैं जब भी चोट खाता हूँ मुहम्मद याद आते हैं!

जिहाद फ़ी सबील अल्लाह में ज़ख्मी होना आक़ा 
का मैं खून के आँसू रोता हूँ मुहम्मद याद आते हैं.

नबी के घर में खाने को महीनों तक मिले न कुछ 
जब भी भूखा होता हूँ मुहम्मद याद आते हैं.

मेरे आक़ा की फुरक़त में ये दिल बिल्कुल नहीं लगता 
मैं जब आँसू बहाता हूँ मुहम्मद याद आते हैं.

तसव्वुर और तखय्युल में नबी जी के करीम आज़म मैं 
हाल-ए-दिल सुनाता हूँ नबी जी याद आते हैं.

मैं जब कुरआन पढ़ता हूँ मुहम्मद याद आते हैं 
हदीस-ए-पाक सुनता हूँ मुहम्मद याद आते हैं!



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